दादाजी कहते थे - जब भी सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत किसी बड़े पेड़ के नीचे चले जाना। दादाजी कहते थे - जब भी सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत किसी बड़े पेड़ के नीचे चले...
दूरदर्शन पर अपना कविता पाठ करके लौट रहा था। राजधानी से प्रकाशित होने वाला राष्ट्रीय दैनिक मेरे हाथों... दूरदर्शन पर अपना कविता पाठ करके लौट रहा था। राजधानी से प्रकाशित होने वाला राष्ट्...
भरम सच है। फिर सच क्या है ? पंछी का उड़ना और आसमान का नीला होना शायद सच है। खिड़की भी है,आँखें भी। च... भरम सच है। फिर सच क्या है ? पंछी का उड़ना और आसमान का नीला होना शायद सच है। खिड़...
लेखक: विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद: आ. चारुमति रामदास लेखक: विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद: आ. चारुमति रामदास
मैंने देखा की रेम्बो जोर से हांफ रहा था मैंने देखा की रेम्बो जोर से हांफ रहा था
खैर शाम तक सब खूब उपले, लकड़ी लाकर मोहल्ले के बीचो बीच खूब ऊंचा अलाव बना लेते और अँधेरा होते ही सब और... खैर शाम तक सब खूब उपले, लकड़ी लाकर मोहल्ले के बीचो बीच खूब ऊंचा अलाव बना लेते और ...